पञ्चाक्षर जप

पञ्चाक्षर जप : “ॐ नमः शिवाय (om namah shivaya)”

इस मंत्र को प्रणव के साथ जब गिनते हैं तो इसे षडाक्षर कहते है और बिना प्रणव के गिनने पर इसे पञ्चाक्षर कहते हैं |

इस महामंत्र का जाप सभी वर्ण के मनुष्य सभी समय कर सकते हैं | शिव पूजन में यदि आव्हान, आचमन, स्नान, कुसा समर्पण आदि के मंत्र न आते हों तो सब क्रियाऐं इस पञ्चाक्षर मंत्र से ही की जा सकती हैं |

इस मंत्र के जाप के लिए दीक्षा, संस्कार, अर्पण समय शुद्धि आवश्यक नहीं है अतः मंत्र यदा पवित्र है